भारत में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण पर संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) और अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान (IIPS) द्वारा ‘‘भारत वृद्धावस्था रिपोर्ट 2023’’ प्रकाशित की गई है. गौरतलब है कि भारत सरकार पहले ही विभिन्न प्रकार के संवैधानिक प्रावधानों जैसे कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 41, अभिभावक और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम 2007 जैसे कानूनों और राष्ट्रीय वयोवृद्ध व्यक्ति नीति 1999 जैसी नीतियों, अटल वयो अभ्युदय योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय बुजुर्ग पेंशन योजना, अटल पेंशन योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना सहित अन्य कार्यक्रमों और योजनाओं के जरिये बुजुर्गों की देखभाल से संबंधित चुनौतियों और अवसरों पर काम कर रही है.

भारत सरकार अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों के जरिये गैर-सरकारी/स्वयं सेवी संगठनों, क्षेत्रीय संसाधन प्रशिक्षण केन्द्रों और राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संस्थानों के साथ उनके क्षमता निर्माण सहित इन कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिये मिलकर काम कर रही है. वहीं कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 135 के तहत कार्पोरेट सामाजिक जवाबदेही प्रावधानों के जरिये निजी क्षेत्र के लिये भी बुजुर्गों के कल्याण के क्षेत्र में काम करने के प्रावधान उपलब्ध हैं.

यह जानकारी सामाजिक न्याय और आधिकारिता राज्य मंत्री सुश्री प्रतिमा भौमिक ने बीते दिन लोकसभा को एक सवाल के लिखित उत्तर में दी.

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