राज्य और संघ शासित प्रदेश नौकरी के चयन के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए) द्वारा आयोजित की जाने वाली सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) का लाभ उठा सकते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में निर्णय  किया गया था।

केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डोनर) राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि सीईटी स्कोर को राज्य और संघ शासित प्रदेशों की भर्ती एजेंसियों के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (सार्वजनिक उपक्रम) और बाद में निजी क्षेत्र के साथ भी साझा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे वास्तव में राज्य और संघ शासित प्रदेशों की सरकारों सहित भर्ती एजेंसियों को भर्ती पर होने वाले खर्च और समय की बचत करने में मदद मिलेगी, जबकि एक ही समय में नौकरी के इच्छुक युवा उम्मीदवारों के लिए सुविधाजनक और किफायती भी होंगे।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इन एजेंसियों और इन संगठनों द्वारा सीईटी स्कोर का उपयोग करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के रूप में एक व्यवस्था की जा सकती है। आखिरकार, यह नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के लिए यह एक लाभदायक व्यवस्था साबित हो सकती है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने आगे खुलासा किया कि डीओपीटी और वह खुद कई राज्यों और संघ शासित प्रदेश सरकारों के संपर्क में हैं, जिन्होंने सामान्‍य पात्रता परीक्षा की साझा व्यवस्था का हिस्सा बनने के लिए अपनी इच्‍छा व्यक्त की है। उन्होंने बताया किज्यादातर मुख्यमंत्री भी इस सुधार को अपनाने के लिए काफी उत्‍सुक हैं और इसके पक्ष में हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के व्यक्तिगत हस्तक्षेप और अनुग्रह के बिना यह क्रांतिकारी निर्णय संभव नहीं हो सकता था, उसकी सराहना करते हुए डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा, यह संघर्षरत युवाओं और नौकरी के इच्छुक लोगों के जीवन में आसानी लाने के लिए एक बड़ा सुधार साबित होने वाला है। उन्होंने कहा, यह संवेदनशीलता और विचारशीलता का भी प्रतिबिंब है जिसके साथ सरकार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काम करती है।

कुछ लोगों की आशंकाओं को दूर करते हुए डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि जो लोग परीक्षा के लिए उपस्थित हो रहे हैं, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग और अन्य श्रेणियों के उम्मीदवारों को मौजूदा सरकार की नीति के अनुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट दी जाएगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि सामान्‍य पात्रता परीक्षा में भर्ती के नियमों जैसे निवास स्‍थान आदि के साथ कोई सह संबंध या असंगतता नहीं होगी जिसका कुछ राज्‍यों या संघ शासित प्रदेशों द्वारा पालन किया जा रहा है। कुछ लोगों की गलतफहमी के विपरीत, सामान्‍य पात्रता परीक्षा केवल हिंदी और अंग्रेजी भाषा में आयोजित नहीं की जाएगी बल्कि इसे 12 भारतीय भाषाओं में कराया जाएगा, जबकि धीरे-धीरे 8वीं अनुसूची की अन्य भाषाओं को भी शामिल कर लिया जाएगा।

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