हिंडनबर्ग रिपोर्ट विवाद के बीच अडाणी ग्रुप की वापसी

Facebook
X
LinkedIn
WhatsApp

अमेरिकी रिसर्च कंपनी हिंडनबर्ग द्वारा हाल ही में एक रिपोर्ट जारी किया गया था। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अडाणी समूह को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बता दें कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अडाणी समूह ने 413 पन्नों में अपनी प्रतिक्रिया दी।

जिसके बाद, हिंडनबर्ग रिसर्च ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। गौरतलब है कि इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद, अडाणी एंटरप्राइजेज का 20,000 करोड़ रुपया फोलो ऑन ऑफर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया है।

मंगलवार को एफपीओ में कर्मचारी कोटे को 51 फीसदी और रिटेल कोटे को 11 फीसदी बोलियां मिलीं। अडाणी एंटरप्राइजेज का शेयर बढ़त के साथ बंद हुआ है। यह शेयर बीएसई पर मंगलवार को 3.35 फीसदी या 96.50 रुपये बढ़कर 2975 रुपये पर बंद हुआ।

गैर-संस्थागत निवेशकों में 10 लाख से ऊपर की कैटेगरी एफपीओ में सबसे अधिक सब्सक्राइब हुई। यह कोटा 5.13 गुना सब्सक्राइब हुआ है।

वहीं, एनआईआई में 2 से 10 लाख रुपये के बीच का कोटे 0.02 फीसदी ही भरा। एनआईआई के कोटे में 3.13 करोड़ शेयरों की बोलियां मिलीं। इस एफपीओ में यूएचएनआई के फैमिली ऑफिसेज से सभी अधिक योगदान मिला। इनमें अंबानी, सज्जन जिंदल (JSW), सुनील मित्तल (Airtel), सुधीर मेहता (Torrent) और पंकज पटेल (Zydus) शामिल हैं।

यह भी पढ़ें – 2023-24 में आर्थिक विकास दर 6.0 से 6.8% अनुमानित

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *