भारत रक्षा मंच की ओर से विभाजन विभीषिका श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन

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ब्यूरो, नई दिल्ली
भारत रक्षा मंच की ओर से बुधवार को विभाजन विभीषिका श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और भारत रक्षा मंच के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सूर्यकांत केलकर ने इस मौके पर अपने संबोधन में कहा कि देश को आजाद करने के लिए कांग्रेस ने 1942 में आंदोलन की घोषणा तो कर दी थी, लेकिन वह बिना तैयारी और योजना कर दी थी। लिहाजा विभाजन के दौरान लाखों लोगों को बिना वजह अपनी जाने गंवानी पड़ी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सुभाष चंद्र बोस के साथ भी न्याय नहीं किया। यही वजह है कि उन्हें देश छोडके बाहर जाना पड़ा और जर्मनी होते हुए जपान जाकर उन्होंने अपनी आजाद हिंद सेना बनाई और उनके नेतृत्व में आजादी के आंदोलन की शुरुआत हुई और वास्तविक रुप से लोग लड़ाई के लिए मैदान में उतरे। लेकिन भारतीय कांग्रेस नेताओं को यह बात कतई पसंद नहीं आयी। उन्होंने आगे अपने संबोधन में यह बात भी बताई कि 15 अगस्त 1945 में माउंट बैटन ने कहा था कि जून 1948 तक भारत के लोग भारत की सत्ता को स्वयं संभाले, नहीं तो जिस हालत में भारत है उसी हालत में छोड़कर वे वापस चले जायेंगे।
इस मौके पर मंच के दिल्ली-एनसीआर के संगठन मंत्री प्रदीप सिंघल ने अपने संबोधन में बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे को छेड़ते हुए कहा कि भारत में अभी तक ऐसा कोई कानून नहीं बना जिससे कि इन घुसपैठियों को बाहर किया जाए। उन्होंने कहा कि आज इस कार्यक्रम के जरिए सरकार से देश में सीएए-एनआरसी लागू करने और भारत को जल्द से जल्द हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग करते है। इस मौके पर मंच के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में उत्तरप्रदेश के पूर्व मंत्री सुनील वराला, भारत रक्षा मंच के उत्तर भारत संगठन मंत्री शशांक चोपड़ा, पूर्णकालिक प्रचारक आशिष वाजपेयी, वंदना वत्स सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

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