कालाजार से मुक्ति के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय

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-संजय तिवारी, बलिया
बलिया, 17 सितंबर 2020
जनपद के 13 ब्लॉक कालाजार से प्रभावित हैं जिसमें कालाजार रोधी सिंथेटिक पायराथ्राईड का छिड़काव 10 सितंबर से किया जा रहा है। जिले के 13 ब्लॉक क्रमशः मुरली छपरा, बांसडीह, सोनवानी, दुबहर, वयना, मनियर, रेवती, नरही, कोटवा, सियर, चिलकहर, रतसर कालाजार से प्रभावित हैं। छिड़काव की मदद से ग्रामीण इलाके के मिट्टी के घरों में पनपने वाली सफेद मक्खी जिसे बालू मक्खी के नाम से भी जाना जाता है, को खत्म किया जा सकेगा। यह जानकारी कार्यवाहक जिला मलेरिया अधिकारी डॉ नीलोत्पल कुमार ने दी।
कार्यवाहक जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि कालाजार एक जानलेवा रोग है जो बालू मक्खी के काटने से फैलता है और अक्सर यह ग्रामीण क्षेत्रों में मकान के दरारों में पायी जाती है। इससे बचाव के लिए घर के आसपास साफ़-सफाई का ध्यान रखकर एवं मच्छरदानी का प्रयोग कर इस रोग से बचा जा सकता है।
डॉ नीलोत्पल ने बताया कि किसी व्यक्ति को 15 दिन से अधिक बुखार आना, भूख नहीं लगना, खून की कमी, वजन घटना, त्वचा का रंग काला होना आदि कालाजार के लक्षण हो सकते हैं। इसका सबसे मुख्य लक्षण त्वचा पर धब्बा बनना है। यदि किसी व्यक्ति में यह लक्षण पाएँ जाएँ हो तो तत्काल अपने नजदीक के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला चिकित्सालय पर निःशुल्क जांच कराकर पूरा इलाज कराएं। यह बीमारी एक बार ठीक होने पर लापरवाही न करें क्योंकि यह बीमारी एक बार ठीक होने पर दोबारा से शुरू हो सकती है। इसलिए चिकित्सक की सलाह बेहद जरूरी है।
रोकथाम
• अपने घर को साफ रखना चाहिए। दीवार एवं आसपास के कोनों की नियमित और पूरी सफाई आवश्यक है।
• घर में प्रकाश आना चाहिए।
• रोगी एवं स्वस्थ व्यक्ति की कड़ी (बालू मक्खी) को नष्ट करने के लिए छिड़काव जमीन से छह फीट की ऊंचाई तक कराएं तथा तीन महीने तक घरों में में किसी प्रकार की सफेदी और पुताई न कराएं।
• कमरे के जमीन से दीवार की कुछ ऊंचाई तक पक्की दीवार की चुनाई कराएं।

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