लॉकडाउन में मजदूरों के लिए मसीहा साबित हो रही हैं आचार्या अनिता

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कोरोना वायरस महामारी ने दुनिया भर में तबाही मचा दी है। इससे भारत भी अछूता नहीं है। लॉकडाउन के दौरान सबसे अधिक गाज देश के मजदूरों और निर्बलवर्ग पर पड़ी है। जिसकी वजह से देश के विभिन्न शहरों में भारी संख्या में श्रमिकों ने गांवों की तरफ कूच कर दिया। जो शहरों में हैं उनमें अभी भी बहुतों की हालत बेहद खस्ता है। दिल्ली एनसीआर में भी भारी संख्या में प्रवासी श्रमिक  बदहाली में जीने के लिए विवश है। इन श्रमिकों की मदद के लिए तमाम स्वंयसेवी संगठन आगे आकर पूरी सिद्दत से काम कर रहे हैं। जिसमें एक दिल्ली का संगठन सर्वा फाउंडेशन है। फाउंडेशन की सर्वेसर्वा आचार्या अनिता दिन-रात अपने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जरुरतमंदों को पका हुआ भोजन,फल,सूखे राशन के पैकेट और पीने का पानी मुहैया करा कर सही मायनों में मसीहा साबित हो रही हैं।

आचार्या अनिता ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर लॉकडाउन के दौरान सबसे अधिक प्रभावित होने वाला क्षेत्र हैं। जिसमें बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर और बेसहारा लोग कई तरह की जटिलताओं का सामना कर रहे हैं। बहुतों के पास खाने-पीने के लाले हैं तो बचत भी शून्य हो गई है। ऐसी परिस्थितियों को झेलने के लिए ये लोग तैयार नहीं थे। इन लोगों की मदद करने के लिए सर्वा फाउंडेशन दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न जगहों में पका हुआ भोजन,सूखे पैकेट,फल,विस्कुट और पीने का पानी की बोतले लाकउाडन-1 से ही मुहैया कराया जा रहा है। यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।

आचार्य अनिता बिगत कई सालों से अध्यात्मिक रुप से देश-विदेश में हजारों लोगों को मार्गदर्शन करके उन्हें शांति का रास्ता दिखा रही हैं। स्कूलों में बच्चों के तनाव को कम करने के लिए आचार्या ने विशेष अभियान चलाया हुआ है। सर्वा फाउंडेशन के माध्यम से आचार्या अनिता कुष्ठ रोगियों के लिए पिछले चार सालों से सेवा प्रकल्प चला रही हैं। भिखारियों और मजबूर लोगों के मध्य नियमित खाद्यान्न,कपड़े और कंबल आदि का वितरण करती आ रही हैं। लॉक डाउन के दौरान पंक्तिवद्व करके खाद्यान्नों और पेयजल प्रवासी श्रमिकों और गरीबों के लिए उपलब्ध कराकर आचार्या अनिता ने अनुकरणी कार्य को अंजाम दिया है। जिसकी चहुतरफा सराहना हो रही है।

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