समकालीन भारत में राजनीतिक विमर्श पर मंथन: पॉलिटिकल साइंस कॉन्क्लेव का सफल आयोजन

-देशभर के विद्वानों, नीति विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने नई दिल्ली में लोकतंत्र, नीति और सार्वजनिक जीवन से जुड़े मुद्दों पर की व्यापक चर्चा
नईदि्ल्ली-
पॉलिटिकल साइंस सोसाइटी द्वारा India International Centre में पॉलिटिकल साइंस कॉन्क्लेव का सफल आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर से आए विद्वानों, नीति विशेषज्ञों और पेशेवरों ने समकालीन भारत में राजनीतिक चिंतन और सार्वजनिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों पर विचार-विमर्श किया।
कॉन्क्लेव का उद्घाटन भारत सरकार के शिक्षा तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री Sukanta Majumdar ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। उद्घाटन सत्र में Ram Madhav मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर Vinay Sahasrabuddhe तथा Sanjeev Chopra विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। सत्र की अध्यक्षता प्रख्यात राजनीतिक वैज्ञानिक और दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर प्रो. एम. पी. सिंह ने की।
दो दिनों तक चले इस सम्मेलन में अनेक प्लेनरी सत्रों और विषयगत चर्चाओं का आयोजन किया गया, जिनमें शिक्षाविदों, नीति संस्थानों, मीडिया और नागरिक समाज से जुड़े प्रमुख वक्ताओं ने भाग लिया। प्रमुख प्रतिभागियों में पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के डॉ. एम. आर. माधवन, ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के डॉ. निरंजन साहू, प्रसिद्ध लेखक और चिंतक Gurcharan Das तथा अर्थशास्त्री Ashwani Mahajan शामिल रहे।
सत्रों में दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. अशोक आचार्य, प्रो. पंपा मुखर्जी तथा प्रो. अशुतोष कुमार जैसे वरिष्ठ शिक्षाविदों ने भी अपने विचार साझा किए। इसके अतिरिक्त हैन्स साइडल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों तथा इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमैनिटीज़ की सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् श्रीमती शुभ्रा रंजन की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। देशभर के कई विश्वविद्यालयों के कुलपति और वरिष्ठ शिक्षाविदों ने भी इन चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी की।
कॉन्क्लेव का समापन सत्र Ram Bahadur Rai, K. N. Srivastava, जाजपुर से सांसद R. N. Behera तथा हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्री प्रकाश सिंह की उपस्थिति में आयोजित हुआ।
प्लेनरी सत्रों के अतिरिक्त इस सम्मेलन में India Foundation, Rishihood University, मिरांडा हाउस (दिल्ली विश्वविद्यालय), हिंदू कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय), ग्राउंड ज़ीरो कंसल्टिंग और मंथन लर्निंग के सहयोग से विशेष ट्रैक सत्रों और कार्यशालाओं का आयोजन भी किया गया, जिनमें नीति नवाचार, नेतृत्व और संस्थागत विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
सम्मेलन के अकादमिक खंड में 12 समानांतर सत्रों में 150 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए। कुल मिलाकर इस आयोजन में 300 से अधिक प्रतिभागियों और 50 से अधिक वक्ताओं ने भाग लिया, जिनमें शिक्षाविद, गैर-लाभकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी और मीडिया पेशेवर शामिल थे।
इस कॉन्क्लेव के संयोजक दिल्ली विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की अध्यक्ष वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. रेखा सक्सेना थीं, जबकि सह-संयोजक के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. स्वदेश सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।