पीएसआरआई अस्पताल ने जापान के विश्व-प्रसिद्ध लिवर ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. हीरोतो एगावा का स्वागत किया

नई दिल्ली-
पीएसआरआई अस्पताल ने आज जापान के हमामात्सु रोसाई अस्पताल के डायरेक्टर जनरल और ABO-इनकंपैटिबल (ABOI) लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांटेशन (LDLT) के विश्व-प्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉ. हीरोतो एगावा का स्वागत किया। डॉ. एगावा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन प्रोटोकॉल्स के विकास के लिए जाना जाता है, जिन्होंने ABOI ट्रांसप्लांट को एक समय अत्यधिक जोखिमपूर्ण प्रक्रिया से बदलकर एक व्यापक रूप से स्वीकृत और सफल क्लिनिकल विकल्प बना दिया।

डॉ. एगावा के महत्वपूर्ण शोध कार्य ने रिटक्सिमैब-आधारित डीसेंसिटाइजेशन प्रोटोकॉल की नींव रखी, जो आज ABO-इनकंपैटिबल लिवर ट्रांसप्लांट का स्टैंडर्ड ऑफ केयर है। उनका वर्तमान शोध HLA-सेंसिटाइज्ड रोगियों के प्रबंधन, विभिन्न अंगों में एंटीबॉडी-मीडिएटेड रिजेक्शन (ABMR) को कम करने, और टोडो प्रोटोकॉल का उपयोग करते हुए LDLT में इम्यून टॉलरेंस पर एक बड़े मल्टीसेंटर क्लिनिकल अध्ययन के नेतृत्व पर केंद्रित है।
पीएसआरआई अस्पताल की अपनी यात्रा के दौरान, डॉ. एगावा अस्पताल की ट्रांसप्लांट टीम के साथ गहन अकादमिक बातचीत में शामिल होंगे। सत्र की शुरुआत पीएसआरआई के ABO-इनकंपैटिबल लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट अनुभवों पर प्रस्तुतियों से होगी, जिसके बाद डॉ. एगावा ABOI ट्रांसप्लांट इम्यूनोलॉजी और क्लिनिकल मैनेजमेंट में नवीनतम प्रगतियों पर अत्याधुनिक व्याख्यान देंगे।

पीएसआरआई अस्पताल के चेयरमैन – लिवर ट्रांसप्लांट एवं HPB सर्जरी, डॉ. अमित रस्तोगी ने कहा,
“न्यूक्लियर परिवारों के बढ़ते चलन के कारण, ब्लड-ग्रुप कम्पैटिबल लिविंग डोनर ढूंढ़ना पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। ABO-इनकंपैटिबल लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट, जिन्हें कभी सख्त निषेध माना जाता था, अब इम्यूनोलॉजी की उन्नत समझ और आधुनिक चिकित्सीय रणनीतियों के कारण क्लिनिकल वास्तविकता बन चुके हैं — जिनमें से कई के विकास में डॉ. एगावा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।”
इंटरैक्टिव चर्चा का फोकस ABOI ट्रांसप्लांटेशन की वर्तमान चुनौतियों पर रहा और भारतीय मरीजों के लिए बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने हेतु एक सहयोगात्मक रोडमैप तैयार किया गया। डॉ. रस्तोगी ने आगे कहा,
“डॉ. एगावा का यहां आना पीएसआरआई अस्पताल के लिए सम्मान की बात है। उनके विशेषज्ञ विचार हमारे प्रोटोकॉल को और अधिक मजबूत बनाएंगे और हमें मरीजों को सुरक्षित, अधिक सुलभ ट्रांसप्लांट विकल्प प्रदान करने में सक्षम बनाएंगे — विशेषकर उन लोगों को, जिनके पास पहले सीमित विकल्प थे।”
पीएसआरआई अस्पताल के निदेशक – नेफ्रोलॉजी, डॉ. रवि बंसल ने कहा,
“अब ऑर्गन ट्रांसप्लांट में ब्लड ग्रुप कोई बाधा नहीं रहा। परिवार के सदस्य अब अपने प्रियजनों को अंग दान कर सकते हैं, भले ही उनका ब्लड ग्रुप मेल न खाता हो। भारत और जापान में ABOi प्रोटोकॉल और प्रैक्टिस पर यह चर्चा बेहद ज्ञानवर्धक रही। भविष्य में ABO-इनकंपैटिबल ट्रांसप्लांट निश्चित रूप से और बढ़ेंगे।”
पीएसआरआई अस्पताल के सीईओ, डॉ. ए. एस. कोहली ने डॉ. एगावा की यात्रा के महत्व पर कहा,
“प्रो. डॉ. हीरोतो एगावा ने ABO-इनकंपैटिबल ट्रांसप्लांट की उभरती वैज्ञानिक प्रगति को अद्वितीय गहराई और क्लिनिकल स्पष्टता के साथ प्रस्तुत किया। उनका व्याख्यान भारत की उन्नत ट्रांसप्लांट क्षमताओं को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।”
पीएसआरआई अस्पताल जटिल ट्रांसप्लांट केयर को आगे बढ़ाने और भारत के मरीजों तक अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को निरंतर बढ़ा रहा है।