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सीपीजे शिक्षक सम्मान 2025- सीपीजे के नेशनल एजुकेशन कॉन्कलेब में शिक्षक और कॉरपोरेटर ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया


-सरकार के सिंगल विंडो प्रावधान को सराहा गया।
-कॉन्कलेव में दो पैनल डिस्कशन में शिक्षक और कॉरपोरेटर ने अपनी बात रखी


नईदिल्ली-
सीपीजे ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन और ईसीसीआई के संयुक्त तत्वाधान में नेशनल एजुकेशन कॉन्कलेव का आयोजन किया गया। इस मौके पर शिक्षाविदों ने नई शिक्षा नीति को व्यवाहारिक और आज के दौर का बताया। कॉन्कलेव में दिल्ली एवं देश के अन्य भागों से आए शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया।
सीपीजे के नेशनल एजुकेशन कॉन्कलेव में मुख्य अतिथि पूर्व आईएएस डॉ कुश वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि आज युवाओं को रोजगार की जरूरत है। जिस प्रकार की नई शिक्षा नीति बनाई गई है इससे युवाओं को स्वरोजगार की ओर बढ़ने में प्रेरणा मिलेगी साथ ही स्किल भी बढ़ेगा। इस मौके पर गेस्ट ऑफ ऑनर डॉ. अनूप मित्तल ने कहा कि आज उद्योग को स्किलफुल युवाओं की जरूरत होती है जिसके लिए संस्थानों में ट्रेनिग की जरूरत होती है। नई शिक्षा नीति इंटर्नशिप शुरू किया है जिसका फायदा युवाओं के साथ उद्योग को मिलेगा। कार्यक्रम में आए अथितियों का स्वागत करते हुए सीपीजे के डीजी डॉ युगांक चतुर्वेदी ने कहा कि आज समय में बदलाव आया है जिसके लिए संस्थान भी तैयार है। सीपीजे लगातार स्किलफुल बच्चों को तैयार करने में आगे रहा है। कॉन्कलेव से देश भर के शिक्षक आए हैं जिनके विचार भी जानकर संस्थान को लाभ मिलेगा।
इस मौके पर दो पैनल डिस्कशन हुए जिसमें पहले सत्र के पैनल में एनईपी 2020 का क्रियन्वयन भविष्य,उन्मुख भारत के लिए शिक्षण का रूपांतरण विषय था। इस पैनल में डॉ. भावना शर्मा, साकेत मिश्रा, विशाल श्रमा, डॉ ईशान तनेजा, हर्ष, आंचल खोसला ने अपने विचार रखें।
प्राचार्य, एजुकेटर, कांसलर, सोशल वर्कर डॉ भावना शर्मा ने कहा कि आज छात्राओं को पूरा मौका देने की जरूरत है जिसके लिए कार्य किया जा रहा है। अभी भी कई तरह के दबाव हैं सरकार ने जो एनईपी बनाए हैं इसका लाभ बीच में पढ़ाई छोड़ रहे छात्रा को लाभ मिलेगा।
इंडियन स्किल डवलपमेंट काउंसिल के डायरेक्टर साकेत मिश्रा ने पैनल में अपनी बात रखते हुए कहा कि आज एआई का जमाना है ऐसे में कई नई चीजें को सीखने की जरूरत है जिसके लिए युवाओं को तैयार रहना होगा। इसी को ध्यान रखते हुए उन्होंने एआई ओलंपियाड की शुरूआत की है। जिसका फायदा युवा उठा रहे हैं।
यूएएस इंटरनेशनल ग्रुप ऑफ कंपनिज के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ.ईशान तनेजा ने पैनल में अपनी बात रखते हुए कहा कि आज एमओयू की जरूरत है जिसकी शुरुआत 2014 मे तेजी से हुआ। यूएएस में अगर किसी के फोन आते हैं तो सकारात्मक जवाब दिया जाता है। आप अपनी समस्या व क्या कुछ करना चाहते हैं हमें सूचना दें। नई शिक्षा नीति में जो प्रावधान हैं उनका वे स्वागत करते हैं। सरकार अब सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने जा रही है इसका लाभ देखने को मिलेगा।
पैनल में अपनी बात रखते हुए जीएमआई सोल्यूशन के फाउंडर व करियर कोच विशाल शर्मा ने कहा कि आज युवा संस्थान से पास होते ही नौकरी की तलाश में निकलते हैं जिन्हें ट्रेनिंग की जरूरत होती है। इसकी कमी है। नई शिक्षा नीति में कई प्रावधान हैं जिससे युवाओं को रोजगार उपलब्ध होगी.
इस मौके पर ब्लू ओसन कॉरपोरेशन के हर्ष ने कहा कि आज शिक्षा में बदलाव हो रहा है जिसका लाभ युवाओं को मिल रहा है। कंपनियों में आज स्क्लिफुल छात्र तेजी से जुड़ रहे हैं।
पैनल को संबोधित करते हुए द 3 मॉंक के कोफाउंडर आंचल खोसला ने कहा कि अभी तक इंडस्ट्री और संस्थानों के बीच गैप है जिसको भरने की जरूरत है। सीपीजे ने जो कदम उठाए हैं इससे इसकी पूर्ति होगी।
नेशनल एजुकेशन कॉन्कलेव के दूसरे पैनल का विषय था इनोवेशनल, एआई और फ्यूचर स्किल, प्रिपेरिंग स्टूडेंट फॉर न्यू करियर।
इस पैनल में भरत शर्मा, चंदन कुमार, मोहित दत्त शर्मा, अभिषेक भारद्वाज, आशीष अग्रवाल अनूप मित्तल में चर्चा की। पैनेल को संबोधित करते हुए प्रेसियर डी लीगल लॉ फर्म के मैनेजिंग पार्टनर एडवोकेट भरत शर्मा ने कहा कि नई शिक्षा नीति में कई सुधार किए गए हैं। जिसका लाभ शिक्षा के हर क्षेत्र में युवाओं को मिलना शुरू हो गया है। वहीं मिट्टी फाउंडेशन के फाउंडर चंदन कुमार ने पैनल को संबोधित करते हुए कहा कि आज युवाओं के स्टार्ट अप को आप देखिए पता चल जाएगा कि नई शिक्षा नीति का कितना लाभ मिला है। आज देश में स्टार्ट अप की बाढ़ है और कई कंपनियों ने अपने मानदंड स्थापित किए हैं। द 3 मांक के कोफाउंडर मोहित दत्त शर्मा ने कहा कि आज एजुकेशन के स्टेक होल्डर अपनी रिस्पोसबिलिटी समझते हैं यही कारण है कि संस्थान से युवाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है। नई शिक्षा नीति में युवाओं को कई तरह की छूट दी गई है इससे आज युवाओं के पास अवसर भी मिल रहे हैं। पैनल को संबोधित करते हुए एएमसीएटी के रिजनल मैनेजर अभिषेक भारद्वाज ने कहा कि नई शिक्षा नीति और एआई ने काफी बदलाव किए हैं। संस्थान भी अपडेट हो रहे हैं। नए करियर में नए प्रावधान के साथ संस्थान भी आगे आ रहे हैं। इसका लाभ आने वाले दिनों में मिलेगा। इग्नाइट लर्निंग के सीईओ डॉ आशीष अग्रवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि आज युवाओं को प्रशिक्षण की जरूरत थी जिसके लिए नई शिक्षा नीति में कई तरह के प्रावधान तो हैं ही अब एजुकेशन ज्यादा प्रैक्टिकल हो गया है। जिसके लिए सरकार को धन्यवाद देने की जरूरत है। इस मौके पर ईसीसीआई के प्रेसिंडेट डॉ.अनूप मित्तल ने कहा कि जब हम युवाओं का चुनाव करते हैं तो सब कुछ ठीक नजर आता है लेकिन कहीं ना कहीं इंडस्ट्री और एकेडमिया में गैप दिखता है अब यह देखने को नहीं मिलेगा। इंडस्ट्री को साथ में लेकर एकेडमिया को चलना होगा। आज इंटर्नशिप जिस प्रकार से शुरू किया गया है इसका लाभ दोनों को इंडस्ट्री और एकेडमिया दोनों को मिलेगा। पैनल को संबोधित करते हुए आईआईसी के डायरेक्टर अमित भारद्वाज ने कहा कि पैनल डिस्कशन में कई बातें उभरकर आई है निश्चित तौर पर आने वाले दिनों में ऐसे और भी कॉन्कलेव का आयोजन सीपीजे में होगा जिसका लाभ देखने को मिलेगा। दोनों पैनल का मॉडरेट ईसीसीआई के डायरेक्टर मानवेंद्र कुमार ने किया।
नेशनल एजुकेशन कॉन्कलेव के दूसरे सत्र में दिल्ली व देश के अन्य भागों से आए शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट शिक्षण कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

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