“नारी शक्ति, संस्कृति और समर्पण का संगम: ‘आराध्या सम्मान महोत्सव’ का भव्य आयोजन”

नई दिल्ली-
देश की अग्रणी सांस्कृतिक संस्था ‘AKS’ द्वारा आयोजित ‘आराध्या सम्मान महोत्सव’ का 5वां संस्करण कांस्टीट्यूशन क्लब के डिप्टी स्पीकर हॉल में भव्यता और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित करना और उनके प्रेरणादायक कार्यों को जन-जन तक पहुँचाना रहा।
इस वर्ष ‘आराध्या सम्मान’ से सम्मानित होने वाली प्रमुख हस्तियों में डॉ. अंजु राठी राणा (सदस्य सचिव, विधि आयोग, भारत सरकार), सुश्री लक्ष्मी सिंह, IPS (पुलिस आयुक्त, नोएडा), प्रो. डॉ. सविता रॉय (प्राचार्य, दौलत राम कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय), डॉ. स्मिता सिंह (औद्योगिक विकास एवं निर्यात प्रोत्साहन), श्रीमती लतिका शर्मा (पूर्व विधायक एवं महिला कार्यकर्ता), बीबी रणजीत कौर (धार्मिक एवं सामाजिक हस्ती), सुश्री यास्मिन रॉजर्स (अंतरराष्ट्रीय प्रोस्थेटिक मेकअप विशेषज्ञ), श्रीमती शशि प्रभा तिवारी (कला समीक्षक), सुश्री राजदीपा बेहुरा (वरिष्ठ अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट) तथा श्रीमती सुमन माहेश्वरी (प्रसिद्ध एंकर, कवयित्री एवं समाजसेवी) शामिल रहीं। सभी सम्मानित हस्तियों को उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. संजीव पाटजोशी (IPS, सेवानिवृत्त संयुक्त सचिव, पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार) तथा डॉ. सिल्वी रॉजर्स (अंतरराष्ट्रीय हेयर डिज़ाइनर) की गरिमामयी उपस्थिति रही।
वहीं पूर्व सांसद सूरज मंडल विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने अपने उद्बोधन में राजनीति, सामाजिक मूल्यों के साथ-साथ कला और संस्कृति के महत्व पर भी सारगर्भित विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक चेतना ही समाज को उसकी जड़ों से जोड़कर आगे बढ़ने की दिशा देती है।
इस पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ पत्रकार मनवेंद्र कुमार ने किया, जिनकी सशक्त और प्रभावशाली एंकरिंग ने समारोह को जीवंत बनाए रखा।
इस अवसर पर प्रख्यात ओडिसी नृत्यांगना, कोरियोग्राफर एवं समाजसेविका डॉ. चंदना राउल ने संस्था ‘AKS’ के उद्देश्यों और गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ‘AKS’ भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए समर्पित एक प्रमुख संस्था है, जो विशेष रूप से ओडिसी नृत्य के माध्यम से भारतीय कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुँचा रही है।
डॉ. राउल ने यह भी बताया कि संस्था द्वारा ‘आराध्या सम्मान’ के अलावा ‘कवि सम्राट उपेंद्र भंज सम्मान’, ‘भूमिपुत्र बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार’, ‘गुप्तेश्वर महोत्सव’, ‘धबलेश्वर महोत्सव’ तथा ट्रांसजेंडर सशक्तिकरण कार्यक्रम जैसे अनेक महत्वपूर्ण आयोजन किए जाते हैं। ‘AKS’ का जुड़ाव पंडित हरि प्रसाद चौरसिया, कुमुदिनी लाखिया, अनूप जलोटा, दर्शना झावेरी और अनुराधा पौडवाल जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों से रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘आराध्या सम्मान’ का उद्देश्य उन व्यक्तित्वों को नमन करना है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह मंच न केवल उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करता है, बल्कि युवा पीढ़ी को प्रेरित करने का भी कार्य करता है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महिलाओं की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और समाज के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ नई पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। समारोह का समापन सम्मानित अतिथियों के उद्बोधन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ।