उत्तर प्रदेश में लव जिहाद के मामलों में कमी

– फिल्म निर्देशक विपिन अग्निहोत्री ने जागरूकता प्रयासों की सराहना की
नई दिल्ली-
उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों में हाल ही में किए गए एक स्वतंत्र सर्वेक्षण से पता चला है कि “लव जिहाद” से संबंधित दर्ज मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है, जो जन जागरूकता में बदलाव और सांप्रदायिक समझ में सुधार का संकेत है। फिल्म निर्माता और सामाजिक शोधकर्ता विपिन अग्निहोत्री द्वारा शुरू किए गए इस सर्वेक्षण में बताया गया है कि 72% से अधिक उत्तरदाताओं का मानना है कि अब अंतरधार्मिक संबंधों को बेहतर ढंग से समझा जा रहा है और उन्हें संदेह की नज़र से देखने की संभावना कम है।
अग्निहोत्री के अनुसार निष्कर्ष इस कमी में प्रमुख योगदानकर्ताओं के रूप में अधिक सामुदायिक शिक्षा, ज़िम्मेदार मीडिया कवरेज और सक्रिय स्थानीय शासन की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने कहा, “यह सर्वेक्षण उत्तर प्रदेश में युवाओं और परिवारों की बदलती मानसिकता को दर्शाता है। प्रेम और आस्था नितांत व्यक्तिगत विकल्प हैं, और भय की जगह धीरे-धीरे सम्मान और संवाद की भावना ले रही है।”
इस सर्वेक्षण में लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और मेरठ सहित 15 से अधिक जिलों को शामिल किया गया, जिसमें विभिन्न आयु समूहों और पृष्ठभूमियों के 5,000 से अधिक प्रतिभागियों से डेटा एकत्र किया गया। इस सर्वेक्षण मे विपिन अग्निहोत्री के सहयो अमित पाण्डेय का सक्रिय व सराहनीय सहयोग रहा। रिपोर्ट में अंतर-सामुदायिक संबंधों में विश्वास और जागरूकता को बढ़ावा देने में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महिला-नेतृत्व वाले संगठनों और शैक्षिक पहलों की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया गया है।
सामाजिक रूप से जागरूक सिनेमा और सामुदायिक जुड़ाव में अपने काम के लिए जाने जाने वाले विपिन अग्निहोत्री, उत्तर प्रदेश की विकसित होती सामाजिक गतिशीलता पर आधारित आगामी बॉलीवुड फिल्म “कसक” में विस्तृत निष्कर्ष प्रस्तुत करने की योजना बना रहे हैं।