इस्लामिक कल्चरल सेंटर का गौरव बढ़ाना हम सभी का कर्तव्य – सत्या सिद्दीकी

नयी दिल्ली-
इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर (आईआईसीसी) के आगामी 11 अगस्त को होने वाले चुनाव में बोर्ड ऑफ ट्रस्टी पद के उम्मीदवार सत्या सिद्दीकी ने इस्लामिक कल्चरल सेंटर को देश की एक महत्वपूर्ण संपत्ति बताया कहा कि इसका गौरव बढ़ाना हम सभी का कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि इस्लामिक कल्चरल सेंटर की पहचान सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम इसकी महिमा, गरिमा और सम्मान के लिए काम करें ताकि यह संस्था देश के लिए उपयोगी बन सके और सदस्यों तथा आम लोगों को इसका लाभ मिल सके। सत्या सिद्दीकी ने कहा कि यह तभी संभव है जब सदस्य निजी हितों को छोड़कर ईमानदार अधिकारियों का चुनाव करेंगे।

सत्या सिद्दीकी ने कहा कि वह इस्लामिक सेंटर के सदस्यों की गरिमा और सम्मान के लिए भी काम करेंगी ताकि सदस्य पूरे दिल से सेंटर से जुड़े रहें और इसके विकास के लिए काम कर सकें।उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए केंद्र के सदस्यों को अच्छे लोगों को वोट देकर आगे करने की जरूरत है।गौरतलब है कि कि सत्या सिद्दीकी सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील सरफराज अहमद सिद्दीकी की पत्नी हैं, सत्या सिद्दीकी सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की आजीवन सदस्य हैं, दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन की सदस्य हैं और नई दिल्ली बार एसोसिएशन की सदस्य। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण बार (प्रिंसिपल बेंच) की सदस्य और सफदर जंग क्लब की सदस्य भी। इसके अलावा, वह राज्य सरकारों, उत्तर रेलवे और विभिन्न के लिए एक वकील रही हैं केंद्र सरकार के विभागों में काम करने का अनुभव है।