महान स्वतंत्रता-सेनानी,चिंतक और हिन्दीसेवी थे साँवलिया बिहारी लाल वर्मा-डा अनिल सुलभ

जयंती (१८ जून ) पर विशेष विधि और अर्थ-शास्त्र के यशस्वी विद्वान साँवलिया बिहारी लाल वर्मा भारत के एक ऐसे आदरणीय महापुरुष थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश और समाज को समर्पित कर दिया था और अनेक आयामों से राष्ट्र और राष्ट्रभाषा की सेवा की। उनका दिव्य और आकर्षक व्यक्तित्व बहुआयामी था। वे बहुगुणी प्रतिभा […]
प्रेम एवं श्रृंगार के अंतरराष्ट्रीय कवि एवं गीतकार डॉ बुद्धिनाथ मिश्र जी से जुड़ते है-21 जून , रविवार ,शाम 5 बजे

1 मई,1949को मिथिलांचल में समस्तीपुर(बिहार) जनपद के देवधा गाँव में संस्कृत विद्वानों के परिवार में जन्म। पिता पं. भोला मिश्र, माता-गुलाब देवी। दस वर्ष की अवस्था में संस्कृत की प्राचीन परिपाटी में विद्या-अर्जन के लिए वाराणसी आगमन।देवधा गाँव के मिडिल स्कूल और रेवतीपुर(गाज़ीपुर) की संस्कृत पाठशाला में प्रारम्भिक शिक्षा; वाराणसी के डीएवी कालेज और बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के आर्ट्स कालेज में उच्च शिक्षा। बीएचयू से 1969 में एम.ए.(अंग्रेज़ी) और गोरखपुर विश्वविद्यालय से 1977 में एम.ए.(हिन्दी)। बीएचयू से ‘यथार्थवाद […]
जीवन के प्रति राग और उत्साह के कवि थे पं रामदेव झा-डा अनिल सुलभ

दिनकर, बच्चन और प्रसाद को स्मरण करते हुए, किसी अवसर पर उन्होंने स्वयं ही लिखा कि “अपने साहित्य सृजन के प्रेरणा-स्रोत में प्रथम नाम परम आदरणीय राष्ट्रकवि दिनकर का लूँ। हिन्दी भाषा और साहित्य के प्रति जीवन-पर्यन्त अकूँठ भक्ति रखने वाले सुकवि पं रामदेव झा, हिन्दी काव्य-संसार में, उत्तर-छायावाद काल के एक प्रतिष्ठित तथा जीवन […]
राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कवि डॉ सत्येन्द्र सत्यार्थी 14 जून शाम 5 वजे से करेंगे काव्य-पाठ से राष्ट्र जागरण

डॉ सत्येन्द्र सत्यार्थी : संक्षिप्त परिचय – कवि, लेखक, संपादक व अध्यापक – शिक्षा- एम.ए. (संस्कृत व हिन्दी), एम. एड., पी. एच. डी.(संस्कृत) – शिक्षा निदेशालय, दिल्ली सरकार में वरिष्ठ संस्कृत अध्यापक के रूप में कार्यरत। – अब तक 12 पुस्तकों का लेखन अथवा सम्पादन – ‘सूर्यांश’ तथा ‘ ‘अंतर्दृष्टि’ नामक दो पत्रिकाओं का सम्पादन […]
पुरानी पीढ़ी के ऋषि-तुल्य हिन्दी-सेवी थे दामोदर सहाय ‘कविकिंकर’-डा अनिल सुलभ

अपने समय के अत्यंत आदरणीय कवि दामोदर सहाय ‘कविकिंकर’ एक प्रणम्य और ऋषि-तुल्य कवि थे। एक ऐसे स्वनाम-धन्य कवि, जिनके ‘कवि’ का उद्भव पीड़ा के सागर से ‘कमल’ सदृश हुआ था। इनकी माँ तब चल बसी जब इन्होंने ‘माँ का दूध’ भी न छोड़ा था! सात महीने के अबोध शिशु थे। और, पिता तब […]
आईये, 6 जून 2020, आज शनिवार 5 बजे जुड़ते है – वरिष्ठ गीतकार एवं शायद शिवकुमार बिलग्रामी जी से

न तो अक्स हूं न वुजूद हूं मैं तो जश्न हूं किसी रूह का मुझे आईनों में न देख तू मुझे ख़ुश्बुओं में तलाश कर यूं तो शिवकुमार बिलगरामी साहब का यह शे’र ही उनका परिचय है , लेकिन अपने पाठकों को बताते चलें कि विश्व हिन्दी परिषद के फेसबुक पेज पर अपनी बेटी आख्या […]
आज हॉटलाइन स्पेशल स्टोरी में -महिला पुलिस अधिकारी डॉ.राजश्री सिंह

डॉ.राजश्री सिंह बिभागीय ज़िम्मेवारियों को पूरा करते हुए सम- सामयिक मुद्दों पर अपनी लेखनी के माध्यम से समाज के लोगों को जागरूक करती रहतीं हैं। आज हॉटलाइन स्पेशल स्टोरी एक ऐसे महिला वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डॉ.राजश्री सिंह के बारें में है,जो अपने बिभागीय ज़िम्मेवारियों को पूरा करते हुए सम- सामयिक मुद्दों पर अपनी लेखनी के माध्यम […]
विश्व हिंदी परिषद से मशहूर गीतकार और शायर श्री शिवकुमार बिलगरामी शनिवार , 6 जून , 2020 को शाम 5:00 बजे होंगे लाइव

उनकी रचनाओं को स्वरबद्ध करेंगी स्वर साधिका सुश्री आख्या सिंह देश के मशहूर गीतकार और शायर श्री शिवकुमार बिलगरामी और उनकी रचनाओं को स्वरबद्ध करने वाली स्वर साधिका सुश्री आख्या सिंह को शनिवार , 6 जून , 2020 को शाम 5:00 बजे आप लाइव सुन सकते हैं । श्री शिवकुमार बिलगरामी की रचनाओं को […]
आईये, 7 जून 2020, रविवार को 5 बजे जुड़ते है – अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ओजस्वी कवयित्री डॉ कीर्ति काले से

विश्व हिंदी परिषद द्वारा आयोजित ‘काव्योत्सव ‘ में आपका हार्दिक स्वागत है। आईये, 7 जून 2020, रविवार को 5 बजे जुड़ते है – अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त ओजस्वी कवयित्री डॉ कीर्ति काले से ग्वालियर मध्य प्रदेश में जन्मी डॉ कीर्ति काले की पहचान अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ओजस्वी कवयित्री और प्रसिद्ध मंच संचालिका के रूप में है। गत 30 […]
काव्य कुसुम ऋंखला में आज प्रख्यात शायर शिवकुमार बिलगरामी

मुलाक़ातें ज़रूरी हैं अगर रिश्ते निभाने हैं नहीं तो ख़ास रिश्ते भी किसी दिन टूट जाने हैं ज़रूरी काम हैं इतने कि फ़ुर्सत ही नहीं मिलती तुम्हारे ये बहाने तो न मिलने के बहाने हैं शिवकुमार बिलगरामी