संसार में जितने भी शास्त्र हैं वह केवल शास्त्रार्थ के विषय हैं-ज्योतिषाचार्य जयकान्त

संसार में जितने भी शास्त्र हैं वह केवल शास्त्रार्थ के विषय हैं, अप्रत्यक्ष है, परंतु ज्योतिष विज्ञान प्रत्यक्ष शास्त्र है, जिसकी साक्षी सूर्य और चंद्रमा घूम घूम कर दे रहे हैं |सूर्य, चंद्र -ग्रहण, प्रत्येक दिन का सूर्योदय, सूर्यास्त ,चंद्रोदय, चंद्रास्त, ग्रहों की श्रृंगोन्नति, वेध, गति, उदय ,अस्त इस शास्त्र की सत्यता एवं सार्थकता के […]