Deepfake की रोकथाम के लिए भारत में शीघ्र बनेंगे नये नियम

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‘डीपफेक’ हमारे समाज के लिए एक नया खतरा है। इसे लेकर केन्द्रीय  संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि इस संकट से निपटने के लिए हमारे पास जल्द ही नए नियम होंगे। 

उन्होंने कहा कि हमें ‘डीपफेक’ का पता लगाने, उसे रोकने के लिए स्पष्ट कार्रवाई की ज़रूरत है। बीते दिनों, बॉलीवुड के कई कलाकारों को निशाना बनाने वाले ‘डीपफेक’ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। सारा तेंदुलकर और शुभमन गिल का एक फोटो भी एडिट करके डाला गया। इसपर कई लोगों ने निराशा व्यक्त की है। इससे नकली सामग्री बनाने के लिए तकनीक के दुरुपयोग को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए।

प्रधान मोदी ने भी बीते सप्ताह चिन्ता जताई थी कि ‘डीपफेक’ बड़े संकट का कारण बन सकते हैं। समाज में असंतोष उत्पन्न कर सकते हैं। उन्होंने मीडिया से इसके दुरुपयोग को लेकर जागरूकता बढ़ाने और लोगों को शिक्षित करने का आग्रह भी किया था। वहीं वैष्णव ने भी इसे लेकर आगाह किया था। सरकार ने हाल ही में इस मुद्दे पर कंपनियों को एक नोटिस जारी किया था।

अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘आज सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को बैठक के लिए बुलाया गया था। सभी के साथ चर्चा हुई और सभी ने डीपफेक के खतरे और इसकी गंभीरता को स्वीकार किया कि ये एक बहुत बड़ा सामाजिक खतरा उभर कर आया है। हमें इन 4 विषयों पर मिलकर काम करना पड़ेगा।

इसकी जांच कैसे हो?

इसे वायरल होने से कैसे बचाएं?

कोई यूजर इसे कैसे रिपोर्ट करे और इस पर तुरंत कार्रवाई हो सके?

इस पर जागरूकता बढ़ाने के लिए सब मिलकर कैसे काम करें?

केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार की मीटिंग के बाद कहा, ‘हम आज ही रेगुलेशन का ड्राफ्ट तैयार करना शुरू कर देंगे और कुछ ही समय में हमारे पास ‘डीपफेक’ से निपटने के लिए नए नियम होंगे… यह मौजूदा ढांचे में संशोधन या नए नियम या नया कानून लाने के रूप में हो सकता है।’

वैष्णव ने कहा, ‘हमारी अगली बैठक दिसंबर के पहले सप्ताह में होगी…आज किए गए फैसलों पर उसमें आगे की चर्चा होगी। ड्राफ्ट रेगुलेशन में क्या शामिल किया जाना चाहिए, इस पर भी चर्चा की जाएगी।’

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