नई दिल्ली-

भारतीय जनता पार्टी की कार्यकर्ता पूनम ओसवाल ने हिंदी भाषा, राजभाषा और साहित्य के क्षेत्र में लंबे समय तक महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। वे राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय के केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान, नई दिल्ली में संयुक्त निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुईं।

पूनम ओसवाल ने करीब 24 वर्षों तक केंद्र सरकार के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हिंदी सॉफ्टवेयर और हिंदी वर्ड प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा उन्होंने प्रशासनिक क्षेत्र में उप निदेशक और संयुक्त निदेशक के रूप में भी जिम्मेदारियां निभाईं।

उन्हें विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं सेमिनार आयोजित करने, हिंदी में भाषण तैयार करने, संपादन तथा मीडिया ब्रीफिंग का भी अनुभव है।

साहित्य के क्षेत्र में भी उनकी सक्रिय रुचि रही है। उनकी प्रमुख पुस्तकों में ‘प्रकृति की गोद में’ और ‘जीवन के बहुरंग’ शामिल हैं, जबकि ‘मेरी मां के खत’ प्रकाशनाधीन है।

पूनम ओसवाल का अनुभव और हिंदी भाषा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें कला एवं संस्कृति तथा हिंदी भाषा के क्षेत्र में सक्रिय योगदान देने वाली कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में विशेष पहचान प्रदान करता है।

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