भाव्या एम- आशा एप से स्वास्थ्य विभाग कि विभिन्न स्वास्थ्य गतिविधियां होंगी ऑनलाइन

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– जिलास्तरीय टीओटी प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीसीएम,ब्लॉक एमएंडई और आशा फैसिलिटेटर को दिया गया प्रशिक्षण

– ग्रामीण स्तर पर आशा कार्यकर्ता को प्रशिक्षित कर उन्हें बनाया जाएगा स्मार्ट

मुंगेर-

भाव्या एम- आशा एप से स्वास्थ्य विभाग कि विभिन्न स्वास्थ्य गतिविधियां ऑनलाइन होंगी। इस आशय कि जानकारी सोमवार को भाव्या एम- आशा एप पर जिलास्तरीय टीओटी प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला स्वास्थ्य समिति मुंगेर के जिला सामुदायिक उत्प्रेरक (डीसीएम) निखिल राज ने दी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में जिला के सभी आशा फेसिलिटेटर, ब्लॉक एमएंडई, बीसीएम को प्रशिक्षित किया जाना है। इसके बाद जिला के विभिन्न प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वाली आशा कार्यकर्ता को प्रशिक्षित किया जाएगा। एम- आशा एप के माध्यम से जिला भर कि सभी आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में किए जाने वाली सभी कार्य जैसे योग्य दंपती सर्वे, गर्भवती महिलाओं का घर- घर सर्वे, टीकाकरण सर्वे, एनसीडी स्क्रीनिंग से संबंधित प्रविष्टियों को उक्त एप पर ऑनलाइन अपलोड करेगी। आने वाले दिनों में इसे भुगतान से भी जोड़ा जाएगा।

ग्रामीण स्तर पर आशा कार्यकर्ता को प्रशिक्षित कर उन्हें बनाया जाएगा स्मार्ट :
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के डिजिटल मिशन को घर- घर तक पहुंचाने के लिए आशा कार्यकर्ता को स्मार्ट बनाया जा रहा है। वो अपने स्मार्ट फोन से एम- आशा एप के माध्यम से लोगों को होने वाली बीमारियों सहित अन्य असुविधाओं को सीधे पोर्टल पर अपलोड कर देगी। उन्होंने बताया इस अवसर पर प्रशिक्षक अभिनीत कुमार और राहुल दत्ता के द्वारा उपस्थित सभी आशा फेसिलिटेटर, बीसीएम और ब्लॉक एमएंडई को ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (टीओटी) का प्रशिक्षण दिया गया है। ये लोग अपने- अपने प्रखंड क्षेत्र में काम करने वाली आशा कार्यकर्ता को एम आशा एप का प्रशिक्षण देंगे ताकि आशा कार्यकर्ता अपने गांव में होने वाली जन्म मृत्यु, प्रसव, टीकाकरण सहित अन्य गतिविधियों से संबंधित डाटा और जानकारी को ऑनलाइन अपडेट करेगी। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में फाइलेरिया, मलेरिया, एईएस जेई बुखार, डेंगू, डायरिया सहित अन्य प्रकार कि स्वास्थ्य गतिविधियों को इससे जोड़ा जायेगा ताकि सभी स्वास्थ्य गतिविधियां पटना से दिल्ली तक ऑनलाइन हो आएगी। इस एप के माध्यम से काम करने के बाद रजिस्टर पर पढ़ने- लिखने से काफी हद तक मुक्त हो जाएगी। इस अवसर पर गजानंद कुमार, रोड्रिक सहित स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

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