2023-24 में आर्थिक विकास दर 6.0 से 6.8% अनुमानित

Economic Survey - HNN
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भारत सरकार द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण को जारी कर दिया गया है और अनुमानहै कि 2023-24 के दौरान देश की विकास दर 6.0 से 6.8 प्रतिशत रहेगी।

आर्थिक विकास का यह अनुमान निजी खपत में मजबूती, पूंजीगत व्यय की उच्च दर, सार्वभौमिक टीकरकरण कवरेज, कॉरपोरेट जगत के लेखा विवरण पत्रों में मजबूती, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उध्यम क्षेत्र के लिए ऋण में बढ़ोत्तरी जैसे कई पहलुओं पर आधारित है।

बता दें कि ‘आर्थिक समीक्षा 2022-23’ को संसद में केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया।

सर्वेक्षण कहता है कि वित्त वर्ष 2024 में विकास की गति तेज रहेगी क्योंकि कॉरपोरेट और बैंकिंग क्षेत्र के लेखा विवरण पत्रों के मजबूत होने से ऋण अदायगी और पूंजीगत निवेश के शुरु होने का अनुमान है। आर्थिक विकास को लोक डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार तथा ऐतिहासिक उपायों जैसे पीएम गतिशक्ति, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से समर्थन मिलेगा, जो निर्माण उत्पादन को बढ़ावा देंगे।

बता दें कि बीते वित्तीय वर्ष के दौरान विकास दर 8.7 प्रतिशत रही थी। कोविड-19 के तीन लहरों तथा रूस-यूक्रेन संघर्ष के बावजूद एवं फेडरल रिजर्व के नेतृत्व में विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाओं के केन्द्रीय बैंकों द्वारा महंगाई दर में कमी लाने की नीतियों के कारण अमेरिकी डॉलर में मजबूती दर्ज की गई है और आयात करने वाली अर्थव्यवस्थाओं का चालू खाता घाटा (सीएडी) बढ़ा है। दुनियाभर की एजेंसियों ने भारत को सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था माना है, जिसकी विकास दर वित्त वर्ष 2023 में 6.5 – 7.0 प्रतिशत रहेगी।

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