आयुष्मान कार्ड बनवाने में नहीं होगी कोई परेशानी, सीएससी जाएं

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-अगर पीएम लेटर नहीं आया है तो 2014 के पहले का राशन कार्ड लेकर जाएं
-कार्ड बनने से गंभीर बीमारी होने पर पांच लाख रुपये तक का होगा मुफ्त इलाज

बांका, 6 दिसंबर –

आयुष्मान योजना के तहत कार्डधारक गंभीर बीमारी होने पर पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना का लाभ किसी भी उम्र के लोग ले सकते हैं। योजना का लाभ अभी जिले के हजारों लोग ले रहे हैं। इसके लिए जरूरत होती है सिर्फ एक कार्ड की, जिसे बनाना कोई कठिन काम नहीं है। जिनलोगों के पास पीएम लेटर आया है, उनका बहुत ही आसानी से कार्ड बन जा रहा है। साथ ही जिनलोगों को पीएम लेटर नहीं भी आया है, और वे योजना के योग्य हैं तो उनका भी कार्ड बनने में कोई परेशानी नहीं होगी। इसके लिए आपके पास 2014 के पहले का राशन कार्ड होना जरूरी है। साथ में अपना आधार कार्ड लेकर अपने नजदीकी सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) में जाएं। वहां पर अपना राशन कार्ड दिखाएं। अगर आप इस योजना के योग्य होंगे तो तत्काल आपका आयुष्मान कार्ड बन जाएगा। जिसके बाद आप गंभीर तौर पर बीमार पड़ने पर पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त में करवा सकते हैं। कार्ड बन जाने के बाद बीमार होने पर इस योजना से सूचीबद्ध अस्पतालों में भर्ती होने की स्थिति में आयुष्मान कार्ड दिखाएं और मुफ्त में इलाज करवाएं। इसलिए मन में किसी तरह का भ्रम नहीं पालें। आसानी से सभी का आयुष्मान कार्ड बन रहा है।
कार्ड बनवाने में नहीं आई कोई परेशानीः कटोरिया प्रखंड के मेढ़ा गांव की रहने वाली सपना ने न सिर्फ अपना आयुष्मान कार्ड बनवा लिया है, बल्कि पति अमर कुमार समेत घर के सभी सदस्यों का आयुष्मान कार्ड बनवा रखा है। सपना कहती हैं, भगवान न करे कि जरूरत पड़े, लेकिन कार्ड बनवाकर रखने में कोई हर्ज तो नहीं है। भविष्य में अगर घर का कोई भी सदस्य मुश्किल में फंसता है तो कार्ड काम में आ ही सकता है। मुझे कार्ड बनाने में कोई समस्या नहीं आई। पति के साथ सीएससी गई और बहुत ही आसानी से मेरा कार्ड बन गया। इसके बाद मैंने घर के सभी सदस्य का आयुष्मान कार्ड बनवा लिया।
नामी-गिरामी अस्पतालों में होता है इलाजः आयुष्मान कार्डधारियों का देश के नामी-गिरामी अस्पतालों में इलाज होता है। सभी अस्पताल में पांच लाख रुपये तक की छूट मिलती है। डीपीसी पवन कुमार ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत जिले के सभी सरकारी अस्पताल में तो मरीजों का इलाज होता ही है, साथ ही भागलपुर के 15 निजी और मायागंज अस्पताल में भी इस कार्ड से मरीजों का इलाज होता है। अब जिले के भी एक निजी अस्पताल भी इस कड़ी में जुड़ गया है। कटोरिया स्थित प्रकाश नर्सिंग होम भी इस योजना के तहत रजिस्टर्ड हो गया है। यहां भी अब लोग इस योजना के तहत इलाज करवा सकते हैं। इसके अलावा देश के सैकड़ों नामी-गिरामी अस्पतालों में भी आय़ुष्मान कार्डधारकों का इलाज किया जाता है। इसलिए जिनलोगों का अभी कार्ड नहीं बना है, वे अपने नजदीकी सीएचसी में जाकर कार्ड बनवा लें। विपरीत परिस्थिति में यह काम आ सकता है।

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