परिवार नियोजन को लेकर सारथी रथ को सिविल सर्जन ने किया रवाना

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-रथ के जरिये लोगों को परिवार नियोजन के प्रति किया जाएगा जागरूक
-11 से 31 जुलाई तक जिले में चलेगा जनसंख्या स्थिरिकरण पखवाड़ा

भागलपुर, 6 जुलाई-
 
11 जुलाई से जिले में जनसंख्या स्थिरिकरण पखवाड़ा शुरू हो रहा है, जो 31 जुलाई तक चलेगा। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी में जुटा है। इसी सिलसिले में बुधवार को सिविल सर्जन डॉ. उमेश शर्मा ने सदर अस्पताल से सारथी रथ को रवाना किया। इस दौरान एसीएमओ डॉ. अंजना, डीपीएम मो. फैजान आलम अशर्फी, डीसीएम जफरूल इस्लाम, केयर इंडिया के डीटीएल डॉ. निनकुश अग्रवाल और आलोक कुमार मौजूद थे। सिविल सर्जन डॉ. उमेश कुमार शर्मा ने बताया कि सदर अस्पताल से सबौर, नाथनगर, गोराडीह और जगदीशपुर के लिए सारथी रथ को रवाना किया गया। बुधवार को ही जिले के अन्य प्रखंडों से भी सारथी रथ को रवाना किया गया। रथ के जरिये 10 जुलाई तक क्षेत्र के लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जाएगा। परिवार नियोजन को लेकर अस्थायी सामग्री के इस्तेमाल के लिए लोगों को समझाया जाएगा। साथ ही जिनलोगों के दो बच्चे हो गए हैं, उन्हें बंध्याकरण के लिए तैयार किया जाएगा।
अभी चल रहा दंपति संपर्क पखवाड़ाः मौके पर मौजूद डीसीएम जफरूल इस्लाम ने बताया कि जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा से पहले अभी दंपति संपर्क पखवाड़ा चल रहा है। यह  10 जुलाई तक चलेगा। इसके तहत आशा कार्यकर्ता क्षेत्र में जाकर लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक कर रही हैं। साथ ही योग्य दंपति को ढूंढ़ रही हैं । लोगों को दो बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल रखने के लिए आशा कार्यकर्ता जागरूक कर रही हैं। साथ ही एक से दूसरे बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल रखने के लिए भी कहा जा रहा है। जिनलोगों के दो बच्चे हो गए हैं, उन्हें बंध्याकरण के तैयार किया जा रहा है। एक योग्य दंपति को सीएनएफ फॉरमेट के तहत ढूंढ़कर सूचीबद्ध करने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सूची जमा करने पर आशा कार्यकर्ता को 300 रुपये मिलेंगे। साथ ही अगर योग्य दंपति का बंध्याकरण को लेकर आशा कार्यकर्ता प्री रजिस्ट्रेशन करवा लेती हैं तो उन्हें 100 रुपये अतिरिक्त दिया जाएगा।
दो बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल जरूरीः मौके पर मौजूद एसीएमओ डॉ. अंजना ने कहा कि दो बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल जरूरी है। इससे जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहता है। साथ ही बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। इससे बच्चा आगे जाकर बीमारी की चपेट में कम आता है। अगर आ भी गया तो वह उससे जल्द उबर जाता है। डॉ. अंजना ने बताया कि लोगों को परिवार नियोजन के लिए अस्थायी सामग्री के इस्तेमाल के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जिन लोगों के मन में शंकाएं हैं, उसे दूर किया जा रहा है। उन्हें समझाया जा रहा है कि अस्थायी सामग्री के इस्तेमाल से किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है, इसलिए कंडोम, अंतरा और छाया का इस्तेमाल बेझिझक करें। इससे आप सही तरीके से अपना परिवार नियोजन कर सकेंगे। परिवार नियोजन के कई फायदे हैं। हां, अगर दो बच्चे हो जाए तो बंध्याकरण जरूर करा लें।

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