लखीसराय, 8 जून:  कोरोना संकट के कारण जिले में बाधित स्वास्थ्य सुविधाओं को फिर से बहाल करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है. कोरोना संकटकाल में बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं रोक दी गयीं थीं. इस संक्रमण से बचने के उपायों को अपनाते हुए व इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ दूसरी सेवाएं जैसे नियमित टीकाकरण व गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच सहित ओपीडी सेवा भी जारी कर दी गयी है. राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश के आलोक में मंगलवार से दो माह से बाधित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत महिलाओं के प्रसव पूर्व जांच को पुन: प्रारंभ कर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने कंटेंटमेंट जोन व बफर जोन को छोड़कर सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम में हिस्सा लिया.

 

अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ देवेंद्र चौधरी ने बताया कि इस अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं के लिए खून  सहित रक्तचाप व शुगर आदि की जांच की जाती है. पिछले कई दिनों से कोरोना के कारण ये जांच प्रभावित हुए हैं. लेकिन अब काम सुचारू रूप से किये जा रहे हैं. जिला के सभी आम व खास लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं विभाग की कोरोना संबंधित गाइडलांइस के अनुसार पहुंचायें जायेंगे. नियमित टीकाकरण सहित गर्भवतियों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक दवाई की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में किसी तरह की कमी नहीं ​की जायेगी.

 

 

जानिय क्या है प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व: 

 

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। प्रत्येक महीने की 9 तारीख को इस आयोजन में सुरक्षित मातृत्व के लिए महिलाओं को अवगत कराते हुए महिला चिकित्सकों द्वारा उसकी जांच करते  हुए निःशुल्क इलाज एवं दवाई दी जाती है।

 

इन स्वास्थ्य जांच का गर्भवती महिला ले सकती हैं लाभ:

 

•    गर्भवती महिला के लिए खून की जांच, पेशाब की जांच, रक्तचाप, शुगर इत्यादि जांचों   सहित आवश्यक औषधियों की निशुल्क सेवाएं उपलब्ध कराया जाना

•    प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस अभियान के आयोजन से गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान विशेषरूप से जटिल खतरों वाली संभावित गर्भवती महिलाओं को  उचित स्वास्थ्य सेवा मिलना

 

•    इस अभियान में आनेवाली महिलाओं को अस्पताल प्रबंधन द्वारा एमसीपी( मदर चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड) कार्ड उपलब्ध कराया जाता है , जिसे दिखा कर वह प्रत्येक महीने की नौ तारीख को अपना इलाज करा सकेंगी.

 

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का उद्देश्य:

 

•    इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ शिशु और स्वस्थ जीवन प्रदान करना है.

 

•    इसका एक उद्देश्य यह भी है की गर्भवस्था के दौरान और बच्चे को जन्म देते समय माता की मृत्यु दर और शिशु की मृत्यु दर को कम किया जा सके.

 

•    गर्भवस्था के दौरान कोई महिला किन–किन स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हो सकती है, इसके लिए लोगो में जागरूकता पैदा करना, भी इसका प्रमुख उद्देश्य है.

 

•    इस योजाना के उद्देश्यो में बच्चे के जन्म को एक सुरक्षित प्रक्रिया बनाना भी सम्मिलित किया गया है

 

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