सुशांत ,आखिर क्यों ,सुशांत ! -सलिल सरोज,कार्यकारी अधिकारी,लोक सभा सचिवालय,संसद भवन ,नई दिल्ली

सलिल सरोज,कार्यकारी अधिकारी,लोक सभा सचिवालय,संसद भवन ,नई दिल्ली आत्महत्या निस्संदेह में एक जघन्य पाप है। एक आदमी जो खुद को मारता है, उसे इस दुनिया में बार-बार लौटना होगा और उसकी पीड़ा भुगतनी होगी। — श्री रामकृष्ण परमहंस दुर्खीम द्वारा प्रतिपादित पुस्तक Le suicide (The suicide) सन् 1897 में प्रकाशित हुई जिसमें आत्महत्या के सिद्धांत […]