कोरोनोत्तर विश्व में चीन, अमरीका और भारत

विश्व व्यवस्थाओं का संचालन भावनाओं से नहीं होता। क्योंकि राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय हित और राष्ट्र की महत्वाकांक्षाएँ राष्ट्रों-राष्ट्रों के मध्य और राष्ट्र की जनता के मध्य संबंधों को निर्धारित करते हैं। आज हम जिस युग में रह रहे हैं वहां राष्ट्रों की सर्वाधिकार्रवादी महत्वाकांक्षाओं ने तनाव, टकराव, हिंसा, आतंक, युद्ध की जीवंत स्थितियों को निर्मित […]