नईदिल्ली-
इंटीग्रेटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के नेशनल जेनरल सेक्रेटरी संदीप पचपांडे ने कहा है कि आज ऑन लाइन शिक्षा अति आवश्यक हो गया है और आज की जरूरत भी है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के जरिए तैयार किए गए ई-लर्निंग प्लेटफार्म, जैसे स्वयं, दीक्षा, ई-बस्ता, नेशनल रिपोजिटरी ऑफ ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेज, शोध गंगा, विद्वान, ई-पीजी पाठशाला आदि बहुत ही उपयोगी हैं। कक्षीय पठन-पाठन के एक सपोर्टिंग टूल के रूप में इन्हें अपनाना निःसंदेह लाभकारी होगा।
संदीप पचपांडे ने कहा कि कोरोना संकट में वैकल्पिक तौर पर ऑनलाइन शिक्षा अवश्य ही एक जरूरत है लेकिन सामान्य दिनों में भारत के समग्र विका के लिए परंपरागत कक्षीय शिक्षा के सहायक के रूप में ही यह सर्वाधिक उपयोगी सिद्ध होगी न कि उसके विकल्प के रूप में।
आईसीसीआई के नेशनल जेनरल सेक्रेटरी ने कहा कि आज नए तरह के रोजगार पाने अथवा प्रमोशन में ऑनलाइन प्रोग्राम उनके लिए बहुत ही मददगार साबित हो रहे हैं जो कामकाजी पहले से हैं। विभिन्न डिग्री कार्यक्रम में पंरपरागत शिक्षा प्राप्त कर रहे रेग्युलर विद्यार्थियों के लिए भी ऐड ऑन कोर्स के रूप में ऑनलाइन कोर्स उनके ज्ञान कौशल में इजाफा करेगा। इसके अतिरिक्त गरीब या सुदूर इलाकों के छात्रों के लिए जिन्हें बहुत अच्छे शिक्षक या समृद्ध पुस्तकालय उपलब्ध नहीं है, उनके लिए श्रेष्ठ संस्थानों द्वारा तैयार ऑनलाइन अध्ययन सामग्री वरदान सिद्ध होगी।