मिजोरम के मुख्ममंत्री हो गए हैं बिहारियों के दीवाने

Facebook
X
LinkedIn
WhatsApp

बेगूसराय-

मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथांगा  के एक ट्वीट से साफ पता चल रहा है कि वे बिहारियों के कितने बड़े कद्रदान हो चुके हैं। पूरी खबर जानने से पहले उनका ये ट्वीट देखिए जिसमें उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया है।

दरअसल 30 मई को एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन बरौनी-कटिहार रेल खंड के लखमिनियां रेलवे स्टेशन के आउटर सिग्नल पर रुकी। इस ट्रेन में उत्तर पूर्वी राज्य  लौट रहे प्रवासी मजदूर सवार थे। वीडियो में साफ है कि अचानक बगल के गांव हुसैनीचक से ढेर सारे लोगों का जत्था हाथ में खाना और पानी लिए ट्रेन की तरफ दौड़ पड़ा। इसके बाद सभी यात्रियों को ट्रेन में ही बगैर स्टेशन पहुंचे खाना और पानी मुहैया कराया गया।
मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथांगा ने इसी वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा कि प्यार से भर जाने पर भारत ऐसा ही खूबसूरत दिखता है। अपने इस ट्वीट में जोरामथांगा ने बिहार के लोगों की जमकर तारीफ की है।

इस राहत वितरण के शुरूआत की कहानी भी रोचक है। दरअसल 22 मई को एक ट्रेन कस्बा ढाला के समीप रात में अचानक रुकी और कुछ महिला पुरुष ट्रेन से उतर कर रेलवे लाइन के बगल में हुसैनीचक निवासी मोहम्मद मुमताज के घर के आगे चापाकल पर इकट्ठे होकर पानी पीने लगे। साथ ही कुछ महिलाओं ने बच्चों के भूखे रहने की वजह से घर के दरवाजे खटखटा दूध और भोजन की मांग की। इसके बाद मोहम्मद मुमताज की पत्नी सबरून निशा घर से बाहर निकलीं और बच्चों को दूध-भोजन और नाश्ता दिया।
अब गांव वालों ने तय किया कि इलाके से जब भी श्रमिक स्पेशल ट्रेन गुजरेगी तो वो ट्रेन में सवार प्रवासियों को खाना-पीना देंगे जिससे वो आराम से सफर तय कर सकें। अब गांव में ही इसके लिए एक सोसायटी बना दी गई है। रोज दर्जनों युवक और बुजुर्ग ट्रेन के आने का इंतजार इस चिलचिलाती धूप में भी रेलवे लाइन पर करते हैं और ट्रेन आने पर सबों को भोजन-पानी-फल-दूध देते हैं।
मिजोरम के मुख्यमंत्री के ट्वीट के बाद बिहार सरकार और बेगूसराय के डीएम अरविंद कुमार वर्मा ने भी इन ग्रामीणों को बधाई दी है। डीएम अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि बेगूसराय के इन लोगों ने आपदा में जो मदद की है वो काबिले तारीफ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *