श्री पीयूष गोयल ने व्यापार संघों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की

Facebook
X
LinkedIn
WhatsApp

राष्ट्र द्वारा लॉकडाउन अवधि का उपयोग कोविड-19 से लड़ने की क्षमता  का निर्माण करने के लिए किया गया।व्यापारी एमएसएमई के लिए आत्मनिर्भर पैकेज के तहत घोषित ऋण लाभ लेने के पात्र हैं।

 

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये व्यापार संघों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान राष्ट्र ने खुद को कोविड-19महामारी से लड़ने तथा क्षमता निर्माण के लिए तैयार किया। सुरक्षा उपकरणों (जैसेकि मास्क, सैनिटाइजर, दस्ताने, पीपीई) के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिला, स्वास्थ्य अवसंरचना में तेजी आई और लोगों के बीच जागरूकता का संचार हुआ।

उन्होंने कहा कि लोगों ने सरकार के दिशानिर्देशों एवं निर्देशों का अनुपालन करने के द्वारा इस अभूतपूर्व संकट का सामना करने के लिए एकजुट होकर काम करने की प्रधानमंत्री की अपील का प्रत्युत्तर दिया। इस अवधि के दौरान आरोग्य सेतु का विकास किया गया है जो ऐसे संकट में कवच, मित्र और संदेशवाहक के रूप में कार्य करता है। लोगों ने अपनी जीवन शैली बदली और त्वरित गति से ऐसी परिस्थितियों के तहत अलग तरीके से रहने, कार्य करने,अध्ययन करने के लिए खुद को तैयार किया। श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा सही समय पर एवं सही तरीके से लिए गए निर्णयों तथा लोगों द्वारा अनुपालन किए जाने ने देश की सहायता की है क्योंकि कि आज हम अधिक संसाधनों तथा कम जनसंख्या वाले दुनिया के कई अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं।

दिशानिर्देशों में ढील दिए जाने के बाद भी खुदरा व्यापारियों के सामने आने वाली कुछ परेशानियों के संबंध में मंत्री ने कहा कि बिना अनिवार्य एवं गैर अनिवार्य के बीच अंतर किए अधिकांश दुकानों को खोल दिए जाने की अनुमति दे दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए मॉल्समें शेष दुकानों को खोलने का निर्णय भी शीघ्र लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोवड-19 से लड़ने के लिए केंद्रीय वित मंत्री द्वारा घोषित आत्म निर्भर पैकेज ने एमएसएमई के लिए 3 लाख करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी उपलब्ध कराई और यह व्यापारियों को भी कवर करता है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर की परिभाषा में किए गए परिवर्तन से भी उन्हें लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने भी संकेत दिया है कि उनके पास उन समस्याओं का समाधान ढूंढने के लिए भी खुला दिमाग है जो अभी तक अनसुलझी रही हैं।

श्री गोयल ने खुदरा व्यापारियों को ई-कॉमर्स की बाजीगरी से खतरा महसूस न करने को कहा क्योंकि आम लोगों ने अब महसूस कर लिया है कि पड़ोस के किराना दुकानदार ही संकट की इस घड़ी में उनकी सहायता की है। उन्होंने कहा कि सरकार खुदरा व्यापारियों के लिए बी2बी को सुगम बनाने के लिए तंत्र तथा उनकी पहुंच को विस्तारित करने के लिए तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के तहत सरकार ने रूपांतरकारी पहलें की हैं जो भारत को एक मजबूत राष्ट्र बनने में सहायता करेंगी। मियादी ऋण, मुद्रा ऋण एवं अन्य मुद्वों से जुड़ी व्यापारिक समुदाय की दूसरी समस्याओं के संबंध में श्री गोयल ने कहा कि इसका समाधान करने के लिए इस मुद्वे को वित्तमंत्रालय के समक्ष उठाया जाएगा।

श्री गोयल ने कहा कि विभिन्न संकेतकों से प्रदर्शित होता है कि आर्थिक सुधार पटरी पर हैं। इस महीने बिजली का उपभोग पिछले वर्ष की इस अवधि के लगभग बराबर है, ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ा है। निर्यात, जो अप्रैल में लगभग 60 प्रतिशत कम हो गया था, उसमें बढोत्तरी का संकेत मिलना आरंभ हो गया है और आरंभिक संख्याओं से संकेत मिलता है कि इस महीने की गिरावट कम होगी। दूसरी तरफ, सेवा निर्यात पिछले महीने भी बढ़ा। उन्होंने कहा कि मर्केन्डाइज निर्यात में गिरावट से अधिक, आयातों में पिछले महीने अधिक कमी प्रदर्शित हुई जिससे व्यापार घाटा कम हुआ।

श्री गोयल ने कहा कि पिछले दो महीनों के दौरान सरकार ने व्यापारियों एवं भारतीय विनिर्माताओं की कठिनाइयों को कम करने के लिए कई कदम उठाये हैं और भविष्य में भी वह उनकी सहायता करेंगे। उन्होंने व्यापारियों से भारतीय वस्तुओं का उपयोग करने, उन्हें बढ़ावा देने और उनका समर्थन करने की अपील की। मंत्री महोदय ने उन्हें विश्वास, निर्भीकता और संकल्प के साथ काम करने को प्रेरित किया जिससे सफलता अर्जित की जा सकेगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *