कृषि में क्रांतिकारी बदलाव- प्रयागराज जिले में जैविक खेती परियोजना का उद्देश्य जलवायु-अनुकूल जैविक तकनीक को बढ़ावा देना है

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-पंख सोसाइटी जैविक खेती के तौर तरीकों पर सतत ट्रेनिंग दे रही है।

नईदिल्ली-

पर्यावरण की दृष्टि से अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने की एक अग्रणी पहल में, पंख सोसाइटी की टीम उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में जैविक खेती अपनाने और प्रमाणन परियोजना के अंतर्गत गत एक वर्ष से कार्य कर रही है। खेती के तौर-तरीकों पर सतत ट्रेनिंग एवं प्रदर्शन के माध्यम से किसानो में जैविक खेती की समझ को बढ़ावा देने की दिशा में क्रांति लाने और जलवायु-अनुकूल पद्धतियों में सुधार लाने के मिशन के साथ, पंख संस्था क्लस्टर दृष्टिकोण से कार्य कर रही है। 

इस परियोजना के अंतर्गत निम्न घटकों पर योजनाबद्ध तरीकों से कार्य किया जा रहा है, जैसे की मृदा प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, अकार्बनिक  रसायनों से बचाव, फसल चक्रण और विविधता, पशु कल्याण इत्यादि। पंख संस्था की संस्थापक अध्यक्ष और सीईओ सुश्री आरती थापा ने कहा कि, “जैविक खेती केवल इस बारे में नहीं है कि हम क्या उगाते हैं, बल्कि हम इसे कैसे उगाते हैं। यह उस भूमि का पोषण करने के बारे में है जो हमें बनाए रखती है और प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण संबंध को बढ़ावा देती है। जैविक प्रथाओं को अपनाकर, हम न केवल स्वस्थ फसलों की खेती कर रहे हैं, बल्कि हमारे ग्रह और हमारे किसानों के लिए एक उज्ज्वल भविष्य की खेती भी कर रहे हैं। जैविक खेती को बढ़ावा देने के माध्यम से, हम न केवल पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं बल्कि अपने किसानों को आर्थिक रूप से विकसित करने के लिए सशक्त भी बना सकते हैं। यह लोगों और ग्रह दोनों के लिए एक जीत है।” चलो कुछ अच्छा करते है l

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