फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत हाइड्रोसील ऑपरेशन कराने आगे आ रहे लोग

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–नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में अबतक 22 लोगों ने कराया हाइड्रोसील का ऑपरेशन
-फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्ध, चल रहा जागरूकता अभियान

भागलपुर –

जिले में फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्ध है। इसे लेकर तमाम तरह के जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। पिछले ही दिनों जिले में फाइलेरिया मरीजों की पहचान के लिए नाइट ब्लड सर्वे का काम पूरा किया गया। इसमें चिह्नित मरीजों के इलाज की भी शुरुआत हुई। अब इसी कड़ी में हाइड्रोसील के मरीजों का ऑपरेशन किया जा रहा है। फिलहाल इसकी शुरुआत नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में की गयी है। इसका फायदा क्षेत्र के लोग उठा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में नवगछिया क्षेत्र के 22 लोग अनुमंडल अस्पताल में आकर हाइड्रोसील का ऑपरेशन कराया है। सभी मरीज ऑपरेशन के बाद स्वस्थ हैं। यह अभियान लगातार चल रहा है। जिले के दूसरे हिस्से में भी इस तरह का अभियान चलाकर लोगों को फायदा पहुंचाने की योजना है। स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर प्रयास कर रहा है।
नवगछिया अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि मैं क्षेत्र के लोगों से यही अपील करना चाहूंगा कि हर शुक्रवार को अनुमंडल अस्पताल में हाइड्रोसील का ऑपरेशन किया जाता है। इसलिए जिसे भी हाइड्रोसील में सूजन हो, वह ऑपरेशन कराने के लिए आ जाएं। ऑपरेशन से पहले मरीजों की जांच की जाती है और उसके बाद ऑपरेशन किया जाता है। ऑपरेशन के बाद जरूरी दवा दी जाती है। मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती है। केयर इंडिया के डीपीओ मानस नायक ने बताया कि नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में हर शुक्रवार को यह सेवा दी जाती है। इसकी शुरुआत तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. उमेश शर्मा ने की थी। उन्होंने तब कहा था कि इस तरह के अभियान की शुरुआत जिले के अन्य क्षेत्रों में भी किया जाएगा, जिस पर काम चल रहा है। जिले के सभी क्षेत्रों में इस तरह का आयोजन कराने से काफी संख्या में हाइड्रोसील में सूजन की बीमारी से पीड़ित लोग इसका फायदा उठाएंगे।
क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है फाइलेरियाः डीभीबीडीसीओ डॉ. दीनानाथ कहते हैं कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। क्यूलेक्स मच्छर घरों के दूषित स्थलों, छतों और आसपास लगे हुए पानी में पाया जाता है। इससे बचाव के लिए लोग घरों के आसपास गंदगी और पानी नहीं जमने दें। घर के आसपास साफ-सफाई रखनी चाहिए। बुखार आना, शरीर में लाल धब्बे या दाग होना, शरीर के किसी भी अंग में सूजन होना इसके लक्षण हैं। ज्यादातर इस बीमारी से ग्रसित लोगों के पांव या हाइड्रोसील में सूजन हो जाती है। लोग इस बीमारी से सुरक्षित रह सकें, इसके लिए सरकार साल में एक बार एमडीए अभियान चलाती है। इससे लोगों को जरूरी दवा उपलब्ध होती , जो इस बीमारी को रोकने में सहायक होती है।

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