विशेष पल्स पोलियो अभियान के तहत बच्चों को पिलाई जा रही है दो बूँद की खुराक 

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– रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड समेत यातायात के अन्य सार्वजनिक जगहों पर बाहर आने-जाने वाले 0 से 05 वर्ष तक के बच्चों को पिलाई जा रही है दवा 
– 31 अक्टूबर तक चलेगा यह अभियान, एक भी बच्चा छूटे नहीं, इस बात का रखा जा रहा है विशेष ख्याल 

लखीसराय, 27 अक्टूबर-

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो संक्रमण के मामले सामने आने के बाद देश सहित पूरे राज्य एवं जिले में एहतियातन सतर्कता बढ़ा  विशेष पल्स पोलियो अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत छठ पूजा के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों और प्रदेशों से आने-जाने वाले 0 से 05 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो संक्रमण के खिलाफ लखीसराय , क्यूल, बड़हिया समेत अन्य रेलवे स्टेशनों और विद्यापीठ चौक बस स्टैंड समेत यातायात के अन्य सार्वजनिक जगहों पर पोलियो संक्रमण से बचाव के लिए दवा पिलाई जा रही है। ताकि शत-प्रतिशत बच्चों को दवाई का सेवन सुनिश्चित हो सके और पोलियो संक्रमण के  खतरे उत्पन्न नहीं हो जिससे  सभी परिवार पूरी तरह सुरक्षित माहौल में तयौहार मना सके। 

– प्रत्येक बच्चे को चिह्नित कर पिलाई जा रही है दो बूँद की खुराक : 
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, जिले के क्यूल और लखीसराय स्टेशनों से सबसे अधिक लोगों की आवाजाही होती है। क्योंकि, उक्त स्टेशनों से ही कई जगह जाने के लिए सबसे अधिक साधन हैं । जिसके कारण उक्त जगहों पर पर्याप्त संख्या में ट्रांजिट दल की तैनाती की गई है। ताकि एक भी बच्चा छूटे नहीं और शत-प्रतिशत बच्चों को दवाई का सेवन सुनिश्चित हो सके और विशेष अभियान का सफलतापूर्वक समापन हो सके। इसके अलावा अन्य जगहों पर भी प्रत्येक बच्चों को चिह्नित  कर दवाई पिलाई जा रही है। अभियान के दौरान एक भी बच्चा छूटे नहीं, इस बात का विशेष ख्याल रखने के लिए प्रतिनियुक्त टीम को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लगातार मानिटरिंग भी की जा रही है। 

– 31 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान : 
राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशानुसार विशेष पल्स पोलियो अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान चिह्नित  और चयनित जगहों से होकर गुजरने वाले प्रत्येक बच्चे को ट्रांजिट दल द्वारा दवाई का सेवन कराया जाएगा। साथ ही पोलियो संक्रमण से बचाव के लिए बच्चों के अभिभावकों को अपने बच्चों को निश्चित रूप से दवाई पिलाने के लिए प्रेरित भी किया जाएगा। दरअसल, इस संक्रमण से बचाव के लिए सबसे बेहतर और कारगर उपाय दो बूँद की खुराक ही है।

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