रजौन की बेबी देवी ने एमडीआर टीबी को दी मात

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-नवंबर 2021 में आ गई थी चपेट में, नौ महीने तक दवा का सेवन करना पड़ा
-पहले निजी अस्पताल में कराया इलाज, फिर जिला यक्ष्मा केंद्र में इलाज से ठीक हुई 

बांका, 21 अगस्त-

रजौन प्रखंड की रहने वाली बेबी देवी नवंबर 2021 में एमडीआर टीबी की चपेट में आ गई थीं। पहले निजी अस्पताल का चक्कर काटा। वहां से इलाज कराने के बाद मायागंज अस्पताल, भागलपुर गईं। मायागंज अस्पताल में इलाज के दौरान उन्हें जिला यक्ष्मा केंद्र, बांका भेजा गया। जिला यक्ष्मा केंद्र इलाज करवाने के लिए आई बेबी देवी की मुलाकात शिवरंजन कुमार से हुई। शिवरंजन कुमार ने बेबी देवी की सही तरीके से काउंसिलिंग की। इसके बाद उनका इलाज शुरू हुआ। नौ महीने तक लगातार दवा का सेवन किया तो आज वह पूरी तरह से ठीक हैं। हालांकि अभी भी वह दवा ले रही हैं।

बेबी देवी कहती हैं कि पहले जब मुझे टीबी हुआ था तो मैं दवा का सेवन नियमित तौर पर नहीं कर सकी थी। इस वजह से मैं एमडीआर टीबी की चपेट में आ गई। इसके बाद मेरी परेशानी और बढ़ गई। यह सोचकर मैं भागलपुर स्थित मायागंज अस्पताल गई। वहां पर मेरा इलाज शुरू हुआ, लेकिन इसी दौरान मुझे बताया कि आप अपने जिले में इलाज करवाइए। वहां पर आपका इलाज तो होगा ही, साथ में कई तरह की सरकारी सुविधाएं भी मिलेंगी। इसके बाद मैं जिला यक्ष्मा केंद्र, बांका आई। यहां पर मेरी मुलाकात शिवरंजन जी से हुई। उन्होंने जांच के बाद मेरा इलाज शुरू किया। अब मैं पूरी तरह से स्वस्थ हूं। इलाज के दौरान, जांच से लेकर दवा तक मुझे मुफ्त में मिली। साथ ही जब तक इलाज चला मुझे पांच सौ रुपये प्रतिमाह राशि भी मिली। इस दौरान मुझसे कोई भी शुल्क नहीं लिया गया।
दवा का नियमित तौर पर करते रहें सेवनः जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. उमेश नंदन प्रसाद सिन्हा कहते हैं कि दवा का नियमित तौर पर सेवन नहीं करने से लोग एमडीआर टीबी की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए अगर कोई व्यक्ति टीबी की चपेट में आते हैं तो दवा का सेवन बीच में नहीं छोड़ना चाहिए। आमतौर पर लोग टीबी से छह महीने में उबर जाते हैं, लेकिन एमडीआर टीबी से उबरने में समय लग जाता है। अब तो नौ महीने में भी लोग एमडीआर टीबी से ठीक हो जा रहे हैं। पहले काफी ज्यादा समय लगता था।
2025 तक जिला को बनाना है टीबी मुक्तः डॉ. सिन्हा कहते हैं कि बांका जिले को 2025 तक टीबी से मुक्त बनाना है। इसे लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सरकार की तरफ से टीबी मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी आमलोगों तक पहुंचायी  जा रही  है। जागरूकता बढ़ने से भी लोग टीबी का इलाज कराने के लिए सरकारी अस्पताल आ रहे हैं। इस वजह से भी टीबी के मरीज तेजी से ठीक हो रहे हैं। जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में टीबी मरीजों के इलाज के लिए सुविधाएं मौजूद हैं। टीबी के लक्षण और बचाव की जानकारी आमलोगों तक पहुंचायी  जा रही  है।

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