लखीसराय जिले में लगातार जारी है नियमित टीकाकरण

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– जिले के सभी अस्पताल, सामुदायिक एवम् प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर लगातार गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और छोटे- छोटे बच्चों का किया जाता है  टीकाकरण 

– आरोग्य दिवस के दिन बुधवार एवं  शुक्रवार को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं का किया जाता है  नियमित टीकाकरण

लखीसराय-

जिले में नियमित टीकाकरण का क्रम लगातार जारी है। सदर अस्पताल लखीसराय के साथ- साथ जिले के रेफरल अस्पताल, सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ ही जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं के साथ ही छोटे- छोटे बच्चों का नियमित टीकाकरण किया जा रहा  है। बुधवार एवं शुक्रवार  को आरोग्य दिवस के दिन जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र पर  नियमित टीकाकरण किया जाता है ।

– गर्भवती और शिशु के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी : 
एसीएमओ सह डीआईओ डाॅ अशोक कुमार भारती ने बताया, सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने एवं शिशु के स्वस्थ्य शरीर निर्माण के लिए समय पर नियमित टीकाकरण जरूरी है। इसलिए, समय पर सभी योग्य लाभार्थियों का टीकाकरण सुनिश्चित कराने को जिले में लगातार अभियान चलाकर टीकाकृत किया जा रहा है। ताकि ससमय पर नियमित टीकाकरण सुनिश्चित हो सके। वहीं, उन्होंने बताया, नियमित टीकाकरण के दौरान शून्य से दो वर्ष तक के बच्चों को बीसीजी, ओपीवी, पेंटावेलेंट, रोटा वैक्सीन, आईपीवी, मिजल्स, विटामिन ए, डीपीटी बूस्टर डोज, मिजल्स बूस्टर डोज और बूस्टर ओपीवी के टीके लगाए जाते  और गर्भवती को टेटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) का टीका भी लगाया जाता है। नियमित टीकाकरण बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कई गंभीर बीमारी से बचाव करता है। साथ ही प्रसव के दौरान जटिलताओं से सामना करने की भी संभावना नहीं के बराबर रहती है।
टेटनस और डिप्थेरिया से बचाव के लिए टीडी वैक्सीन बेहद जरूरी : 
टीडी वैक्सीन टेटनस और डिप्थेरिया जैसे गंभीर रोगों से बचाव के लिए के लिए  बेहद जरूरी है। दरअसल, कम उम्र के किशोरों को दोनों रोगों से प्रभावित होने का खतरा अधिक रहता है। जिसके कारण किशोरों को दोनों रोगों से बचाव के लिए सरकार द्वारा यह पहल की गई। इसलिए, उक्त दोनों रोगों से बचाव के लिए सभी लाभार्थियों को टीडी का वैक्सीनेशन निश्चित रूप से कराना चाहिए। ताकि दोनों बीमारियों के खतरे से सभी किशोर सुरक्षित रह सकें। 
10 से 16 आयु वर्ग के दायरे  में आने वाले किशोर-किशोरियों को भी टीडी की वैक्सीन
अब नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत जिले के 10 से 16 आयु वर्ग के दायरे में आने वाले सभी किशोर-किशोरियों को टीडी की वैक्सीन दी जाएगी।  जिसमें आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) टीम का भी  सहयोग लिया जा रहा  है। दरअसल, आरबीएसके टीम द्वारा पूर्व से वार्षिक कार्य योजना के तहत स्कूली बच्चों को नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य जाँच की जाती है। जिसके कारण इस टीम के माध्यम से कार्य कराना सुविधाजनक होगा और शत-प्रतिशत बच्चों की टीडी टीकाकरण  सुनिश्चित होगा।

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