सुल्तानगंज में लगा मेला, सबौर में निकाली गई रैली

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जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा के तहत जिले भर में अभी चल रहा कार्यक्रम
वाहन से प्रचार कर लोगों को परिवार नियोजन के प्रति किया जा रहा जागरूक

भागलपुर-

जिले में रविवार को जनसंख्या नियंत्रण स्थिरीकरण पखवाड़ा का आगाज हो गया। यह पखवाड़ा 31 जुलाई तक चलेगा। इसके तहत जिले भर में परिवार नियोजन से संबंधित कार्यक्रम किए जा रहे हैं। सभी प्रखंडों में वाहनों के जरिये परिवार नियोजन को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसी सिलसिले में सोमवार को सुल्तानगंज में परिवार नियोजन मेला का आयोजन किया। जबकि सबौर में आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम ने परिवार नियोजन को रैली निकाली गई।

परिवार नियोजन की सामग्री का वितरणः
सुल्तानगंज में परिवार नियोजन मेला में कई तरह के स्टॉल लगाए गए थे। किसी स्टॉल पर गर्भ निरोधक सामग्री का वितरण किया जा रहा था, कहीं पर लोगों को परिवार नियोजन से संबंधित जानकारी दी जा रही थी। सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल की प्रभारी डॉ. उषा कुमारी ने बताया कि अब पूरे जुलाई महीने तक किसी ना किसी गतिविधि का आयोजन हर दिन किया जाएगा। आज मेला लगा है तो किसी दिन रैली निकाली जाएगी। फिर किसी दिन दंपति को परिवार नियोजन को लेकर जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा आशा कार्यकर्ता क्षेत्र में परिवार नियोजन से संबंधित सामग्री का भी वितरण कर रही हैं। मेला में लगे स्टॉल पर भी दंपति को लाने का काम आशा कार्यकर्ताओं ने की। मेला को सफल बनाने में बीएचएम चंदन कुमार, बीसीएम नलिन और बीएम शंभू कुमार भी लगे रहे।
छोटा परिवार, सुखी परिवार के लगे नारेः
उधर, सबौर में परिवार नियोजन को लेकर निकाली गई रैली में क्षेत्र के लोगों को परिवार नियोजन को लेकर जागरूक किया गया। रैली के दौरान स्वास्थ्यकर्मी छोटा परिवार, सुखी परिवार के नारे लगा रही थीं। रास्ते में मिलने वाले लोगों से परिवार नियोजन के उपाय इस्तेमाल करने के लिए कह रही थीं। सबौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. सुप्रभा वर्मा ने बताया कि परिवार नियोजन को लेकर निकाली गई रैली में स्वास्थ्यकर्मी उत्साह के साथ लोगों को परिवार नियोजन को लेकर जागरूक कर रही थीं। वैसे तो ये लोग सालोंभर परिवार नियोजन से संबंधित काम में लगी रहते हैं, लेकिन 27 जून से ही दंपति संपर्क पखवाड़ा की शुरुआत से ही अभियान में लगी हुई हैं। पहले तैयारी की अब अभियान को सफल बना रही हैं। इस दौरान बीसीएम हरीश भी मौजूद रहे।
एक बच्चे वाले दंपती की होगी काउंसिलिंगः
जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा के तहत एक बच्चे वाले दंपती की काउसिलिंग भी की जाएगी। एएनएम ऐसे लोगों को एक से दूसरे बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल रखने के लिए भी जागरूक करेंगी। दंपति को समझाया जाएगा कि दो बच्चे के बीच तीन साल का अंतराल रखने से क्या फायदे होते हैं। ऐसा करने से बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और वह भविष्य होने वाली किसी भी तरह की बीमारी से लड़ने में सक्षम होता है। अगर किसी बीमारी की चपेट में आ गया तो वह फिर जल्द ही उससे उबर जाएगा। ऐसी जानकारी एक बच्चे वाले दंपति को काउंसिलिंग के दौरान दी जाएगी।

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